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Fri. May 24th, 2024
Protein

चाहे रॉक-हार्ड एब्स, दुबला शरीर या बस फिट रहना हो यह रातोरात नहीं होता। इसके लिए अच्छी कसरत और स्वस्थ आहार की आवश्यकता होती है। इसमें प्रोटीन (Protein) का बहुत ही महत्त्व होता है। प्रोटीन पोषण संबंधी हर बहस का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। जैसे-जैसे लोग स्वस्थ भोजन और फिटनेस को अपनाते हैं, वे इस बात पर ध्यान देते हैं कि वह रोज़ाना कितना प्रोटीन खा रहे हैं। लेकिन आपके द्वारा खाये जा रहे प्रोटीन की गुणवत्ता का क्या? अच्छा और बुरा प्रोटीन होता है, आइए अच्छे प्रोटीन और खराब प्रोटीन के बीच अंतर समझते हैं।

प्रोटीन मानव शरीर के लिए एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है, जो ऊतकों को बनाए रखने और उनकी मरम्मत के साथ-साथ एंजाइम, हार्मोन और शरीर के अन्य रसायन बनाने के लिए आवश्यक है। आंतरिक चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. हेमलता अरोड़ा बताती हैं कि यह हड्डियों, मांसपेशियों, उपास्थि, त्वचा और रक्त का एक अभिन्न अंग है और वसा एवं कार्बोहाइड्रेट के विपरीत है।

इसी के साथ शरीर प्रोटीन (Protein) को संग्रहित नहीं करता है, इसलिए अपने आहार में इसका नियमित रूप से सेवन करना आवश्यक है। अच्छे और खराब प्रोटीन के बीच अंतर को समझना महत्वपूर्ण है, खासकर भारत में जहां स्थलाकृति, जलवायु परिस्थितियों और जनसंख्या जनसांख्यिकी में परिवर्तन के साथ आहार की आवश्यकताएं बदलती हैं।

डॉ. अरोड़ा के मुताबिक, “अच्छे प्रोटीन आवश्यक अमीनो एसिड से भरपूर होते हैं और आसानी से पच जाते हैं। लीन मीट, पोल्ट्री, मछली, डेयरी, फलियां और नट्स अच्छे प्रोटीन के स्रोत हैं। दूसरी तरफ खराब प्रोटीन प्रसंस्कृत मांस और अन्य प्रोटीन स्रोत होते हैं, जिनमें संतृप्त वसा और एडिटिव्स की मात्रा अधिक हो सकती है, जो लंबे समय में आपके स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है।”

क्यों चुनना चाहिए सही प्रोटीन (Protein)?

प्रोटीन को शरीर का निर्माण खंड माना जाता है, जो आपको संपूर्ण स्वास्थ्य बनाए रखने में सहायता करता है। इसलिए, अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने और पुरानी बीमारियों को रोकने में सक्षम होने के लिए सही प्रोटीन का चयन महत्वपूर्ण है। संतृप्त वसा और कोलेस्ट्रॉल में कम अच्छे प्रोटीन का चयन करने से हृदय रोग, मधुमेह और मोटापे जैसी स्थितियों को प्रबंधित करने और रोकने में मदद मिल सकती है।

विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि गुर्दे की बीमारी, लैक्टोज असहिष्णुता जैसी सह-रुग्णता वाले लोगों या गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को सही प्रकार के प्रोटीन (Protein) का चयन करने के मामले में अधिक सावधान रहना चाहिए। इसी के साथ जिन लोगों के पास प्रतिदिन इस्तेमाल किए जा सकने वाले प्रोटीन की पहुंच सीमित है, उन्हें प्रोटीन की गुणवत्ता के प्रति अधिक सावधान रहना चाहिए।

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