Breaking
Fri. Apr 19th, 2024
Chhath Puja 2023

Chhath Puja 2023 : हिंदू छठ को सूर्यदेव की पूजा के लिए समर्पित त्योहार के रूप में मनाते हैं। इस प्राचीन हिंदू त्योहार की ऐतिहासिक जड़ें भारतीय उपमहाद्वीप में हैं। ख़ास तौर पर उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल राज्यों में यह धूम-धाम से मनाया जाता है। छठ पूजा के दौरान सूर्य देवता को जीवन में सभी आशीर्वादों के लिए धन्यवाद दिया जाता है और विशेष इच्छाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना की जाती है। यह दिन भगवान सूर्य की बहन और देवी प्रकृति के छठे रूप छठी मैया को समर्पित है।

आपको बता दें हिंदू कैलेंडर के अनुसार इस त्योंहार को दीपावली के छह दिन बाद कार्तिक या विक्रम संवत के चंद्र महीने के छठे दिन मनाया जाता है। चार दिवसीय अनुष्ठानों में पवित्र स्नान, उपवास और जल संयम, पानी में खड़े होकर उगते और डूबते सूर्य को प्रसाद और अर्घ्य देना शामिल है। कुछ भक्त साष्टांग प्रणाम करते हुए नदी तट की तरफ मार्च भी करते हैं। हालांकि, इस साल त्योहार की तारीखों को लेकर काफी असमंजस बना हुआ है।

कब है छठ पूजा 2023 (Chhath Puja 2023)?

इस साल छठ का शुभ त्योहार (Chhath Puja 2023) द्रिक पंचांग के अनुसार 17 नवंबर शुक्रवार से शुरू होकर सोमवार 20 नवंबर को समाप्त होगा। नीचे त्योहार के चार दिनों में से प्रत्येक के लिए तारीखें और शुभ मुहूर्त दिए गए हैं।

पहला दिन – 17 नवंबर 2023 को छठ पर्व का पहला दिन नहाय खाय है। इस शुभ दिन पर, व्रत करने वाली महिलाएं केवल एक समय भोजन करती हैं और भक्त पवित्र स्नान करते हैं। द्रिक पंचांग के अनुसार इस दिन सूर्योदय का समय सुबह 06:45 बजे और सूर्यास्त का समय शाम 17:27 बजे है।

दूसरा दिन – 18 नवंबर 2023 को छठ के त्योंहार के दूसरे दिन खरना को सूर्योदय से सूर्यास्त तक चलने वाले निर्जला व्रत के साथ मनाया जाता है। भक्त अपना उपवास तोड़ सकते हैं और सूर्यास्त के बाद ही सूर्य देव को भोजन चढ़ा सकते हैं। द्रिक पंचांग के अनुसार इस दिन सूर्योदय का समय सुबह 06:46 बजे और सूर्यास्त का समय शाम 17:26 बजे है।

तीसरा दिन – 19 नवंबर 2023 को छठ के तीसरे दिन संध्या अर्घ्य में शाम के समय सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है और व्रत पूरी रात चलता है। द्रिक पंचांग के अनुसार सूर्योदय और सूर्यास्त क्रमशः सुबह 06:46 बजे और शाम 5:26 बजे निर्धारित है।

चौथा दिन – 20 नवंबर 2023 को छठ का चौथा और आखिरी दिन, उषा अर्घ्य, उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए समर्पित है। इस आखिरी दिन सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद 36 घंटे का उपवास तोड़ा जाता है। द्रिक पंचांग के अनुसार इस दिन सूर्योदय का समय सुबह 06:47 बजे और सूर्यास्त का समय शाम 17:26 बजे है।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *