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Fri. Apr 19th, 2024
Delhi Pollution

Delhi Pollution : दिल्ली सरकार ने बुधवार को शहर में ऐप-आधारित टैक्सी सेवाओं पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया। रिपोर्ट के मुताबिक नई घोषणा के अनुसार, केवल दिल्ली के पंजीकरण नंबर वाली कैब को ही शहर में चलने की अनुमति मिलेगी। आपको बता दें दिल्ली सरकार ने यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट द्वारा वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के साधन के रूप में राष्ट्रीय राजधानी में ऐप-आधारित टैक्सियों पर प्रतिबंध लगाने पर विचार करने के लिए कहने के बाद लिया गया है।

सरकार द्वारा पहले चल रहे प्रदूषण संकट से निपटने के लिए वाहन राशनिंग योजना की घोषणा की गई थी। हालाँकि, अदालत ने इस योजना को “ऑप्टिक्स” कहा। इसी के साथ राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण के खतरनाक स्तर को कम करने में अतीत में इसकी प्रभावकारिता और सफलता पर भी सवाल उठाया। अदालत ने कहा, “क्या सम-विषम योजना (अतीत में) सफल रही है? ये सभी प्रकाशिकी हैं।”

Delhi Pollution : शीर्ष अदालत ने वैकल्पिक उपाय पेश करने को कहा

शीर्ष अदालत ने सरकार को वाहन प्रदूषण कम करने के लिए वैकल्पिक उपाय पेश करने के लिए कहा। कोर्ट के आदेश के बाद हुई बैठक में दिल्ली के मंत्री राय ने कहा कि, “आज हमने ट्रैफिक पुलिस, परिवहन मंत्रालय और पर्यावरण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करके कहां ऑड-ईवन योजना को कैसे लागू करना है इस पर चर्चा की। हालाँकि, हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सावधानीपूर्वक अध्ययन करने के बाद ही कोई आगे कोई घोषणा करेंगे।”

वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार के एक दिन बाद बुधवार को दिल्ली का प्रदूषण स्तर फिर से ‘गंभीर’ स्तर पर जा पंहुचा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों से पता चला है कि दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI मंगलवार को 395 था, जो सोमवार को दर्ज 421 के मुकाबले थोड़ा कम है। शून्य और 50 के बीच AQI अच्छा माना जाता है, जबकि 51 और 100 के बीच AQI को संतोषजनक मानते हैं। वहीं 101 और 200 को बीच AQI को मध्यम, 201 से 300 को खराब और 301 से 400 को ‘बहुत खराब’ माना जाता है। वहीं इससे ऊपर का AQI गंभीर माना जाता है।

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